भगवद्गीता का कर्म रहस्य: निष्काम कर्मयोग और वसंत पंचमी के पावन पर्व पर आध्यात्मिक चिंतन

भगवद्गीता का कर्म रहस्य: निष्काम कर्मयोग और वसंत पंचमी के पावन पर्व पर आध्यात्मिक चिंतन ॐ श्री परमात्मने नमः आज की तिथि, 24 जनवरी 2026, शनिवार, भारतीय आध्यात्म में एक अत्यंत विशिष्ट और ऊर्जामयी दिवस है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी, जिसे हम ‘वसंत पंचमी’ या श्री पंचमी के रूप में जानते हैं, आज के दिन ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इस पावन अवसर पर, जब प्रकृति अपनी जड़ता त्याग कर नवजीवन का संचार कर रही है, तो मनुष्य के लिए भी यह आवश्यक हो जाता है कि वह अपने कर्मों की जड़ता को त्याग कर ‘कर्मयोग’ के दिव्य प्रकाश की ओर अग्रसर हो। श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धर्मग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन की ‘संचालन नियमावली’ (Manual of Life) है। कुरुक्षेत्र की रणभूमि में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिया, वह केवल युद्ध के लिए नहीं था, बल्कि जीवन के हर संघर्ष के …

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