समुद्र मंथन – Samudra Manthan
देवताओं और असुरों द्वारा अमृत प्राप्ति के लिए क्षीरसागर का मंथन किया गया, जिससे 14 रत्नों की उत्पत्ति हुई।
देवताओं और असुरों द्वारा अमृत प्राप्ति के लिए क्षीरसागर का मंथन किया गया, जिससे 14 रत्नों की उत्पत्ति हुई।
गरुड़ पुराण में मृत्यु के उपरांत जीवात्मा की यात्रा, यमलोक, स्वर्ग-नरक और कर्म फल का विस्तृत विवेचन है।
महिषासुरमर्दिनी, शुंभ-निशुंभ वध और देवी दुर्गा के प्राकट्य की कथाएं जो नारी शक्ति का प्रतीक हैं।
वाल्मीकि रामायण मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन चरित्र, सीता माता के त्याग और रावण वध की अमर कथा है।
माता पार्वती के उबटन से उत्पन्न बालक गणेश का शिवजी द्वारा मस्तक विच्छेदन और फिर गजानन बनने की कथा।
हनुमान जी की कथाएं भक्ति, शक्ति और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण हैं। उनके बालपन से लेकर लंका दहन तक के प्रसंग अद्भुत…
धर्म की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने 10 मुख्य अवतार (दशावतार) लिए, जिनमें राम, कृष्ण, नृसिंह और वराह प्रमुख हैं।
शिव पुराण में भगवान शिव की महिमा, उनके ज्योतिर्लिंगों के उद्भव और सती-पार्वती प्रसंग का सुंदर वर्णन है।