**नमस्ते, ‘भक्ति अमृत सनातन’ परिवार में आपका स्वागत है।**
नमस्ते, ‘भक्ति अमृत सनातन’ परिवार में आपका स्वागत है। — महाशिवरात्रि: जब शून्य से फूटती है चेतना की अनंत ज्योति – क्या आप तैयार हैं इस रूपांतरण के लिए? क्या आपने कभी सोचा है कि वर्ष की सबसे अंधेरी रात को ही ‘महाशिवरात्रि’ के रूप में क्यों मनाया जाता है? सनातन धर्म में ‘शिव’ का अर्थ केवल एक देवता नहीं, बल्कि वह ‘तत्व’ है जो अजन्मा और अविनाशी है। महाशिवरात्रि केवल उपवास और जागरण की रात नहीं है, बल्कि यह वह ब्रह्मांडीय घड़ी है जब प्रकृति स्वयं आपको अपनी उच्चतम चेतना की ओर धकेलती है। आइए, इस पावन पर्व की गहराई में उतरें और जानें कि इस रात आपकी आत्मा के द्वार कैसे खुल सकते हैं। 1. महानिशा का रहस्य: अंधकार में छिपी दिव्य रोशनी महाशिवरात्रि की रात को ‘महानिशा’ कहा जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो इस दिन पृथ्वी का उत्तरी गोलार्द्ध इस प्रकार स्थित होता है कि …