पुरुषोत्तम मास 2026

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पुरुषोत्तम मास 2026
पुरुषोत्तम मास 2026

🕉️ पुरुषोत्तम मास 2026: अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया का महत्व और लाभ 🙏

सनातन धर्म में समय की गणना अत्यंत वैज्ञानिक और आध्यात्मिक है। जब हम ‘अधिक मास’ या ‘पुरुषोत्तम मास’ की बात करते हैं, तो यह केवल एक अतिरिक्त महीना नहीं, बल्कि स्वयं भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त करने का एक दिव्य अवसर होता है। आज सोमवार, 1 जून 2026 है और कल मंगलवार, 2 जून 2026 को अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया की पावन तिथि है।

यह समय विशेष है क्योंकि 2026 में ज्येष्ठ का महीना ‘अधिक’ (Extra Month) है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस काल में किए गए दान, पुण्य और भजन का फल सामान्य दिनों की तुलना में अनंत गुना अधिक मिलता है। आज के इस लेख में हम जानेंगे कि कल की तिथि का क्या महत्व है और आप इस ‘पुरुषोत्तम मास’ में कैसे अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर सकते हैं। 🙏

🌺 अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया 2026 का आध्यात्मिक महत्व 🌺

पुरुषोत्तम मास 2026

हिंदू पंचांग के अनुसार, जब सूर्य संक्रांति नहीं होती, तब उस मास को ‘अधिक मास’ कहा जाता है। चूंकि इस महीने के स्वामी स्वयं भगवान पुरुषोत्तम (श्री हरि विष्णु) हैं, इसलिए इसे ‘पुरुषोत्तम मास’ भी कहते हैं।

कल, 2 जून 2026 को अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया है। द्वितीया तिथि के स्वामी ब्रह्मा जी माने जाते हैं। यह तिथि चंद्रमा की कलाओं से भी संबंधित है, जो हमारे मन और शांति का प्रतीक है। पुरुषोत्तम मास में पड़ने वाली यह द्वितीया तिथि मानसिक शांति और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत फलदायी मानी गई है।

श्रीमद्भागवत पुराण में कहा गया है:

*न तत्फलमवाप्नोति मखैरपि सुदक्षिणैः।*

*यत्फलं लभते मर्त्यो मासे श्रीपुरुषोत्तमे॥*

पुरुषोत्तम मास 2026

*(अर्थ: जो फल पुरुषोत्तम मास में भक्ति करने से मिलता है, वह फल बड़े-बड़े यज्ञों और दक्षिणाओं से भी प्राप्त नहीं होता।)*

पुरुषोत्तम मास 2026

🪔 पुरुषोत्तम मास और अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया की पूजा विधि 🪔

यदि आप अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया 2026 के दिन विशेष फल प्राप्त करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित पूजा विधि का पालन करें:

1. ब्रह्म मुहूर्त स्नान: सूर्योदय से पूर्व उठकर पवित्र नदी में या घर के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।

2. दीप दान: इस पूरे महीने में दीप दान का विशेष महत्व है। कल शाम को तुलसी जी के पास और मंदिर में घी का दीपक अवश्य जलाएं।

3. श्री हरि का पूजन: भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र को पीले पुष्प, चंदन और तुलसी दल अर्पित करें।

4. मंत्र जाप: ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।

5. पीली वस्तुओं का दान: अधिक मास में पीले फल, वस्त्र या अनाज का दान करना अत्यंत शुभ होता है।

🌸 पुरुषोत्तम मास में क्या करें और क्या न करें? 🌸

इस पवित्र काल में कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है ताकि आपको पूर्ण आध्यात्मिक लाभ मिल सके:

🌟 क्या करें:

🌸 भगवान विष्णु और श्री कृष्ण की कथाओं का श्रवण करें।

🌸 श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करें।

🌸 सात्विक भोजन ग्रहण करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।

🌸 निराश्रितों और पशु-पक्षियों की सेवा करें।

🌟 क्या न करें:

🌸 अधिक मास में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं।

🌸 तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) से परहेज करें।

🌸 किसी की निंदा या क्रोध करने से बचें।

📌 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 📌

प्रश्न: अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया 2026 कब है?

उत्तर: हिंदू पंचांग के अनुसार, अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया मंगलवार, 2 जून 2026 को मनाई जाएगी।

प्रश्न: पुरुषोत्तम मास को ‘मलमास’ क्यों कहा जाता है?

उत्तर: प्राचीन काल में इस महीने का कोई स्वामी नहीं था, इसलिए इसे मलमास (अशुद्ध मास) कहा गया। बाद में भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम ‘पुरुषोत्तम’ दिया और इसे सर्वश्रेष्ठ मास बना दिया।

प्रश्न: क्या इस दिन व्रत रखना अनिवार्य है?

उत्तर: अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि आप मानसिक शांति और श्री हरि की कृपा चाहते हैं, तो फलाहार व्रत रखना अत्यंत लाभकारी होता है।

📖 संबंधित ज्ञान: अधिक मास का वैज्ञानिक पक्ष 📖

हिंदू पंचांग चंद्रमा (Lunar) और सूर्य (Solar) दोनों की गति पर आधारित है। चंद्र वर्ष 354 दिनों का होता है और सौर वर्ष 365 दिनों का। इन दोनों के बीच 11 दिनों के अंतर को पाटने के लिए हर तीसरे वर्ष एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास कहते हैं। यह हमारी प्राचीन खगोलीय गणना की सटीकता को दर्शाता है।

इस अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया के अवसर पर अपने जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए भक्ति के मार्ग पर चलें।

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🙏 निष्कर्ष 🙏

अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया 2026 का यह दिन आपके लिए भक्ति और मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे। भगवान पुरुषोत्तम की कृपा आप और आपके परिवार पर सदा बनी रहे। जय श्री कृष्ण! 🕉️

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