जया एकादशी 2026: प्रेत योनि से मुक्ति और पापों के नाश का महाव्रत – संपूर्ण शास्त्रीय विवेचन, पौराणिक कथा एवं पूजा विधि
जया एकादशी 2026: प्रेत योनि से मुक्ति और पापों के नाश का महाव्रत – संपूर्ण शास्त्रीय विवेचन, पौराणिक कथा एवं पूजा विधि सनातन धर्म की कालजयी परंपरा में समय की गणना केवल तिथियों का परिवर्तन नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं के साथ आत्मा के एकाकार होने का अवसर है। आज, जब हम 28 जनवरी 2026, बुधवार के पावन दिवस पर खड़े हैं, तो हम माघ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि में प्रवेश कर रहे हैं। यह समय आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें वर्ष की सबसे शक्तिशाली एकादशियों में से एक, ‘जया एकादशी’ (जो 29 जनवरी 2026 को है) के लिए तैयार करता है। माघ मास, जिसे स्वयं भगवान माधव (श्री विष्णु) का स्वरूप माना जाता है, में आने वाली यह एकादशी न केवल पापों का नाश करती है, बल्कि जीव को अधम योनियों (जैसे पिशाच योनि) के कष्टों से भी मुक्त कराने की …