सनातन पंचांग: फरवरी और मार्च २०२६ के प्रमुख व्रत, त्यौहार एवं आध्यात्मिक पर्वों का सम्पूर्ण विवरण
सनातन पंचांग: फरवरी और मार्च २०२६ के प्रमुख व्रत, त्यौहार एवं आध्यात्मिक पर्वों का सम्पूर्ण विवरण काल (समय) सनातन धर्म में केवल एक गणना नहीं, बल्कि ईश्वर का ही एक स्वरूप है। भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता (१०.३०) में स्वयं कहा है—“कालोऽस्मि” (मैं समय हूँ)। समय की गति के साथ हमारे ऋषियों ने नक्षत्रों और ग्रहों की स्थिति के आधार पर पर्वों और व्रतों का विधान रचा है, ताकि जीवात्मा समय-समय पर सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर परमात्मा के निकट पहुँच सके। आज, ३ फरवरी २०२६, मंगलवार के पावन दिन, हम माघ मास के कृष्ण पक्ष में स्थित हैं। यह समय आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि माघ मास को ‘मोक्ष प्रदायिनी’ माना गया है और आने वाला फाल्गुन मास भक्ति और उल्लास का प्रतीक है। इसके पश्चात, चैत्र मास के साथ ही नव संवत्सर का आरंभ होगा, जो सृष्टि की रचना का दिवस है। इस विस्तृत लेख में, हम …