श्री हनुमान पूजा विधि: मंगलवार व शनिवार पूजन, सिंदूर अर्पण, चोला चढ़ाने के नियम

श्री हनुमान पूजा विधि: मंगलवार व शनिवार पूजन, सिंदूर अर्पण, चोला चढ़ाने के नियम

रुद्रावतार श्री हनुमान जी (Lord Hanuman) अष्ट चिरंजीवियों में से एक हैं और कलियुग में प्रत्यक्ष जाग्रत देवता हैं। मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की साधना करने से शनि दोष, साढ़ेसाती, भूत-प्रेत बाधा और अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है।

हनुमान जी को चोला चढ़ाने की शास्त्रीय विधि

हनुमान जी को चमेली के तेल में नारंगी सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाया जाता है। इसके नियम निम्नलिखित हैं:

  • स्नान कर लाल अथवा पीले स्वच्छ वस्त्र धारण करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • चमेली के तेल में शुद्ध नारंगी सिंदूर को घोलें।
  • हनुमान जी की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और पोंछकर सूखे वस्त्र से साफ करें।
  • चांदी अथवा तांबे के वर्क सहित सिंदूर का लेप हनुमान जी के चरणों से आरंभ कर मस्तक तक लगाएं।
  • जनेऊ, लंगोट (वस्त्र), और आक (मदार) के 108 पत्तों पर 'श्री राम' लिखकर बनी माला अर्पित करें।

नैवेद्य एवं पाठ क्रम

  1. गुड़-चना, बूंदी के लड्डू अथवा चूरमे का भोग लगाएं। पान का बीड़ा (लौंग-इलायची युक्त) अवश्य अर्पित करें।
  2. श्री राम नाम का 108 बार जप करें, क्योंकि जहाँ राम नाम होता है, हनुमान जी वहीं उपस्थित होते हैं।
  3. हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, अथवा सुंदरकांड का श्रद्धापूर्वक पाठ करें।
  4. कपूर जलाकर 'आरती कीजै हनुमान लला की' गाएं और सभी में प्रसाद बांटें।

🕉️ सम्बंधित आध्यात्मिक लेख (Related Articles)

संकष्टी चतुर्थी व्रत 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
पूजा विधि

संकष्टी चतुर्थी व्रत 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

चातुर्मास 2026: 7 पवित्र नियम और दिव्य साधना विधि
पूजा विधि

चातुर्मास 2026: 7 पवित्र नियम और दिव्य साधना विधि

Dakshinavarti Shankh Sthapana Vidhi: 5 दिव्य लाभ और विधि
पूजा विधि

Dakshinavarti Shankh Sthapana Vidhi: 5 दिव्य लाभ और विधि